राशि के अनुसार विवाह मुहूर्त कैसे देखें
- वर की राशि चुनें।
- कन्या की राशि चुनें।
- साझा तारीखें नीचे महीने-वार दिखेंगी। जिस तारीख के नीचे समय लिखा है, वह दिन के उतने ही हिस्से में शुभ है।
तारीखें कैसे निकलती हैं
हिंदू पंचांग में हर राशि के लिए दो सूचियाँ दी जाती हैं: उस राशि के वर के लिए शुद्ध समय (सूर्य बल और चंद्र बल के अनुसार) और उस राशि की कन्या के लिए शुद्ध समय (गुरु बल और चंद्र बल के अनुसार)। पंचांग का नियम है कि जिन दो राशियों के वर-कन्या का विवाह करना हो, उनकी सूचियों में जो तारीखें दोनों में समान मिलें, वही शुभ हैं। यह टूल यही मिलान आपके लिए कर देता है।
यह टूल क्या नहीं देखता
यह तारा या नक्षत्र का मिलान, गुण मिलान, मांगलिक दोष और लग्न का समय नहीं देखता। इनके लिए हमारे ज्योतिषी से सलाह लें (सशुल्क परामर्श)। सभी मुहूर्त तारीखें विवाह मुहूर्त 2027 पर भी देख सकते हैं।
शामिल महीने
अप्रैल 2027 से मार्च 2028 (संवत् 2084)। अगस्त से अक्टूबर (चातुर्मास) और मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी (खरमास) में शुभ विवाह मुहूर्त नहीं होते, इसलिए इन महीनों में किसी जोड़ी की तारीखें नहीं मिल सकतीं।
और विवाह मुहूर्त की तारीखें
2027 के शुभ विवाह मुहूर्त की महीने-वार सूची देखने के लिए 2027 के शुभ विवाह मुहूर्त की महीनेवार सूची खोलें। किसी एक तारीख को जाँचने के लिए हमारा Wedding Dates Calculator (अंग्रेज़ी में) इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वर और कन्या के लिए शुभ विवाह मुहूर्त कैसे देखें?
वर की राशि और कन्या की राशि चुनें। टूल महीने-वार वे तारीखें दिखाता है जो दोनों के लिए शुभ हैं, यानी जो तारीखें पंचांग में वर की राशि की सूची में भी हैं और कन्या की राशि की सूची में भी।
कुछ राशि-जोड़ियों की तारीखें कम या बिल्कुल क्यों नहीं मिलतीं?
पंचांग में हर राशि के वर के लिए एक सूची (सूर्य बल और चंद्र बल के अनुसार) और हर राशि की कन्या के लिए दूसरी सूची (गुरु बल और चंद्र बल के अनुसार) दी जाती है। केवल वही तारीख गिनी जाती है जो दोनों सूचियों में हो, इसलिए किसी जोड़ी को किसी महीने में कम तारीखें, या कोई तारीख नहीं मिल सकती। चातुर्मास (अगस्त से अक्टूबर) और खरमास (मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी) में विवाह परंपरागत रूप से नहीं होते।
क्या यह टूल तारा, नक्षत्र, गुण मिलान या मांगलिक दोष देखता है?
नहीं। यह केवल दोनों राशियों के अनुसार शुभ तारीखें दिखाता है। तारा और नक्षत्र का मिलान, गुण मिलान, मांगलिक दोष और लग्न का समय अलग से जाँचना होगा, बेहतर होगा किसी अनुभवी ज्योतिषी से।
तारीख के नीचे लिखे समय का क्या मतलब है?
कुछ तारीखें दिन के केवल एक हिस्से में शुभ होती हैं। 'रात 9:10 बजे तक' या 'रात 11:20 बजे से' जैसा समय बताता है कि कौन सा हिस्सा शुभ है। आधी रात के बाद का समय 'अगले दिन' के साथ लिखा है। जहाँ वर और कन्या दोनों की सूचियों में सीमा है, वहाँ टूल दोनों को मिला देता है।
कौन से महीने शामिल हैं?
हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल 2027 से मार्च 2028 (संवत् 2084)। अगस्त से अक्टूबर (चातुर्मास) और मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी (खरमास) में शुभ विवाह मुहूर्त नहीं होते।
दूसरे कैलकुलेटर
यह टूल कोई निजी जानकारी नहीं माँगता। आप सिर्फ़ दो राशियाँ चुनते हैं, और कुछ भी सेव नहीं होता।
